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एक दरार पड़ा हृदय ही सौंप सकता है अपना दूसरा हिस्सा

एक दरार पड़ा हृदय ही सौंप सकता है अपना दूसरा हिस्सा ... साबुत दिल क्या जानेगा ...देना दिलाना तुम मेरा दूसरा हिस्सा हो ...मेरा काउंटर पार्ट मैं दुखूंगी तो निश्चित नोंक तुम्हारे हिस्से पर लगी है। मैं हंसूंगी तब भी तुम्हारे हिस्से पर ही नोंक सुराख करेगी।तुम्हें होना ही होगा मेरे हृदय का सहचर Half and half is not whole always ....it's you and me playing hide and seek some times. Just Stay. Life becomes simpler rather than being attainable.
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें