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अकेले हो जाना सबसे बड़ा उपहार है अपने लिए।

अकेले हो जाना सबसे बड़ा उपहार है अपने लिए। एक क्रांति सा... एक शुरुआत सा... आप लड़ सकते हो .... खुद से भीड़ में भी तराश अकेले होने पर ही आती है। आप छैनी हथौड़ा खुद पर चला पाते हो। हाथ मन सब छिलता तो जाता है पर Dead skin निकल जाती है खुद पर से। फिर जब आप सांस लेते हो तो लगता अभी अभी कोई कली चटकी है । अभी किसी पोखर पर हिलोर उठी है।अभी कोई पत्ता हवा में अनंत यात्रा पर निकला है। अभी कोई बच्चा zenga ब्लॉक्स से आसमान तक की सीढ़ी बना कर हटा है। अभी मैं फिर तैयार हूं .... उदास किए जाने के लिए । Being alone is a bliss. U rejuvenate
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें