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जब भी इक तारा मांगा

जब भी इक तारा मांगा... तू हर दफा आसमां लाया तेरी हां में ना ढूंढूं या ना में छिपी हां चूम लूं। सबसे ऊंची प्रेम सगाई
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें