कल्पनाशब्दों के बीच
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ट्रेनिंग का तीसरा दिन

ट्रेनिंग का तीसरा दिन.... दिन की शुरुआत रोज़ की तरह शानदार हुई। रात भर बारिश के बाद मौसम में हल्की ठंडक बनी हुई है। इडली ,सांभर ,चटनी, वड़ा, कॉफी आज का नाश्ते का menu था। बेहद स्वादिष्ट पर सेशन में नींद न आए इस लिए बस थोड़ा ही खाया । आज हमारे समूह की प्रार्थना की ड्यूटी थी। शानदार कार्यक्रम में मैंने सबको वर्णमाला गीत याद करवाया। सबने खूब सराहा मुझे। आज के दिन के सेशन... Vocabulary in effective communication. Gender sensitization POSCO इसके बाद साथियों ने डेमो लेसन दिए। एक बार फिर बच्चा बनने का भरपूर आनंद उठाया गया। आज बहुत सारा काम मिला था तो कहीं घूमने नहीं गए। पास ही एक छोटी सी बाजार से कुछ जरूरी समान लेकर लौटे। रात का खाना खाकर साथियों ने महफिल जमाई। पुराने गाने गाए गए। खूब नाचे। बस अभी कुछ देर पहले महफिल बर्खास्त हुई। दिन को एक खूबसूरत मोड़ देकर अलविदा कहा। आपसे कहना मेरे रूटीन का हिस्सा है। तो पोस्ट लिख दी। तस्वीरें आज की हैं। अब थक कर चूर हूं। कल मिलती हूं। शुभ रात।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें