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देह ,आंसू और हंसी

देह ,आंसू और हंसी प्रेम के बस तीन संबल इसके अलावा न तुम कुछ दे पाओगे न मिल सकेगा तुमको
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें