कल्पनाशब्दों के बीच
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तुमने दूरी की वजह कभी नहीं बताई

तुमने दूरी की वजह कभी नहीं बताई..... पर हर बार इशारे से कहा... तुम मेरी धरा मैं तुम्हारा चाँद *मुस्कुरा दो ...कि ये हुनर भी सबको अता नहीं होता।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें