कल्पनाशब्दों के बीच
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तुम मुस्कुराते हुए क्या खूब उदास लगते हो।

तुम मुस्कुराते हुए क्या खूब उदास लगते हो। तस्वीर और आईने का फ़र्क सिर्फ़ प्रेमी जानते हैं।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें