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दिन महका देने का शुक्रिया दिलबरो

दिन महका देने का शुक्रिया दिलबरो...... कितने दिनों बाद मिले तुम बहार हो। तुम्हारे आने से मैं खिल गई। दोस्ती कायम रहे। Sushma Gupta love u
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें