आप एक पक्का पुराना ज़ख्म हैं.... इसे रोज़ रोज़ नया क्या करना रहिए प्रेमिल मुझमें
रचना 342126 जनवरी 2022भाषा / Languageहिन्दीEnglishआप एक पक्का पुराना ज़ख्म हैं✦आप एक पक्का पुराना ज़ख्म हैं.... इसे रोज़ रोज़ नया क्या करना रहिए प्रेमिल मुझमेंकल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें