कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 3387

भाषा / Language

मैं अच्छा नहीं हूं.... पहाड़ों ने कहा

मैं अच्छा नहीं हूं.... पहाड़ों ने कहा मैं भी तो अच्छी नहीं हूं यही तुमको बताने के लिए तो तुम्हारे प्रेम में पड़ गई हूं। *धुली धुली मैं घुले घुले तुम बातें जो तुमसे कहीं
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें