भाषा / Language
कल पिताजी से बात हुई।खुश थे कि आंख से साफ साफ दिख रहा। कोई…
✦
कल पिताजी से बात हुई।खुश थे कि आंख से साफ साफ दिख रहा। कोई परेशानी नहीं है अभी तक।आप लोगों की शुभकामनाएं जो मिली थी।
मैंने पूछा.. पिताजी मैं साफ साफ दिख रही हूं?
बोले अरे तुम मेरी बहु हो। तुम कैसे नहीं दिखोगी?
आज ये नया चश्मा ज़ोर का लगा रखा है तुमने।
मैंने कहा हीरो जैसे तो आप लग रहे आज इस काले चश्मे में ।
फिरोज़ खान जैसे।हालांकि ये नाम मन में सोचा। उनसे कहा नहीं।
लग रहे ना?
*दूसरी तस्वीर दक्षु की है जो नानाजी की टोपी पहनकर हीरो बन रहा था। मैंने कहा तू देवानंद लग रहा।
बोला कौन वो हमारा दूध वाला?
मैंने कहा है भगवान वो रामानंद है।
देवानंद हमारे जमाने के हीरो थे।मुझे पसंद थे।
दक्षु बोला फोन लाओ...
गूगल किया ...देवानंद ।
उनकी तस्वीर देख कर बोला
लग तो मेरे जैसे रहे।
Nice choice मां
****तस्वीरों में जो पल कैद किया उनको लिख दिया है। मुस्कान तब भी आई ।अब भी आ ही रही
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें