कल्पनाशब्दों के बीच
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आईने में नहीं दिखेगा जो मेरी आँखों में देख पाओगे

आईने में नहीं दिखेगा जो मेरी आँखों में देख पाओगे आओ सच सुना दूं तुम्हें .... अपनी आँखों से
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें