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परिवार का सुख😊😊

परिवार का सुख😊😊 असली त्यौहार इस बार कई सालों बाद ऐसी दीपावली मन रही। मेरे परिवार में अभी तक हमारा सांझा चूल्हा है ।अभी इसमें कुछ परिवार के सदस्य कम हैं । पकाना खाना बतियाना पत्ते खेलना इसी में पूरा दिन बीत जाता है। बच्चे घर आकर सब फ़ोन भूल गए हैं। घूमने फिरने,खेलने,लड़ने और पटाख़े फोड़ने में मग्न हैं। मौसम हमेशा की तरह गुलज़ार है। बड़ों का आशीर्वाद भरपूर मिल रहा। बच्चों की मासूमियत दिख रही। और क्या चाहिए त्योहार का शगुन😊 पिताजी बहुत बहुत खुश हैं। भाई दूज आप सब को मुबारक💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें