ककल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 3186

भाषा / Language

दुनिया में हर बनती.... हर अधूरी .... हर पूरी बनी हुई शै अप…

✦
दुनिया में हर बनती.... हर अधूरी .... हर पूरी बनी हुई शै अपना हकदार तय करके आती है प्रेम इसमें सबसे श्रेष्ठ है । शैदाई रहूँ मैं
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें