कल्पनाशब्दों के बीच
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आज अष्टमी है।

आज अष्टमी है। तस्वीरें भव्या ने मेलबोर्न से भेजी हैं। ये उसे मैंने नहीं सिखाया।वो खुद सीख गई है। ये सब उसने बनाया है । मैं यहां पकवान की नहीं ईश्वर में विश्वास और संस्कार याद रखने की बात कह रही। प्रसाद स्वादिष्ट है बिटिया😊 हर दिन शुभ हो तुम्हारा।देवी कृपा बनी रहे। Bhavya Pandey माँ😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें