कल्पनाशब्दों के बीच
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कुछ ही तस्वीरों में मैं हूबहू लगती हूँ

कुछ ही तस्वीरों में मैं हूबहू लगती हूँ... प्रेम हर आकार , हर रंग , हर महक, हर प्रकार में आता है .... चुनो उसे .......जिसे तुम जीना चाहते हो। तस्वीर 8 साल पुरानी है।यादें इत्र हैं ये बच्चे कितने बदल गए होंगे। बड़े हो गए होंगे। मैं अभी भी वहीं हूँ।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें