सुख बहुतेरे हैं मेरे पास ... तुमको मैंने एक अगाध सा चुना तुम मेरे प्रिय दुःख रहे।
रचना 303319 अगस्त 2021भाषा / Languageहिन्दीEnglishसुख बहुतेरे हैं मेरे पास✦सुख बहुतेरे हैं मेरे पास ... तुमको मैंने एक अगाध सा चुना तुम मेरे प्रिय दुःख रहे।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें