कल्पनाशब्दों के बीच
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तुमसे मिली तो जाना

तुमसे मिली तो जाना... मिलकर पाने और पाकर मिलने में बहुत फ़र्क़ है। जितना जुड़ोगे .....उतना टूटोगे खो देने का डर जुड़ने नहीं देगा..... जकड़ देगा इश्क़ ... तुम्हें शोर सा बहा दे रही कि बजते रहो ......आस पास *आपकी आवाज़ के साथ सुबह बीत रही .... कविता जी💐💐💐💐 रंज भी ऐसे उठाए हैं ...कि जी जानता है।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें