आज सुबह असमानी नीली.... पहाड़ में मंज़र पल पल बदलते हैं।एक पल दूसरे पल से बेहद अलग। 😊😊😊 दिन शुभ रहे💐💐💐
रचना 283621 मई 2021भाषा / Languageहिन्दीEnglishआज सुबह असमानी नीली.... पहाड़ में मंज़र पल पल बदलते हैं।एक पल…✦आज सुबह असमानी नीली.... पहाड़ में मंज़र पल पल बदलते हैं।एक पल दूसरे पल से बेहद अलग। 😊😊😊 दिन शुभ रहे💐💐💐कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें