कल्पनाशब्दों के बीच
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होने को क्या नहीं हो सकता....😊😊😊

होने को क्या नहीं हो सकता....😊😊😊 बस भावना की बात है। भाई भाभी ने अचानक सुबह घर पहुंच कर माँ daddyji को बेहद प्यारा सरप्राइज दिया। अभी zoom पर सारे परिवार के साथ पचासवीं शादी की सालगिरह मना ली। खुशियां बनी रहे। मन भरा रहे। आज बहुत खुश हूं।😊😊😊 आप सब भी मेरी खुशियों में शामिल रहिएगा। वक़्त इम्तिहान लेगा पर हम मुस्कुराना नहीं छोड़ेंगे। कम कम ही सही .... जिएंगे पूरा। शुभ रात 💐💐💐💐 सब अच्छे रहना।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें