कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 2797

भाषा / Language

अदृश्य में दृश्य रच लेना आना चाहिए।

अदृश्य में दृश्य रच लेना आना चाहिए। जीवन बचा रहता है। आज के दिन के लिए ईश्वर को शुकराना कि वो अभी लगा है मेरे लिए और आप के लिए एक नई सुबह रचने में। हम जल्द इस दौर से निकलेंगे और जी भर साँस लेंगे। जी भर गले लगेंगे। हाथ चूमेंगे। सब सूद समेत वापस लेंगे। तब तक डटे रहिये। मन से तन से और जीवन से।😊😊😊 नज़ारे.... भेज रही कि मेरे पास इससे सुंदर कुछ नहीं तुमको देने के लिए।😊😊 शुभरात💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें