भाषा / Language
हम जल्द ज़मीं पर पैर रखेंगे
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हम जल्द ज़मीं पर पैर रखेंगे...
इस बार हवा से जो मात खाई है।
*वक़्त को सिर्फ़ जज़्बा बदल सकता है। हौंसला ज़रा कम न हो। 😊😊😊😊
Stats बदल रहे।
लोग समझ रहे।
अज़ाब जल्द नहीं रहेगा।
मान कर चलिए इस बात को।
वक़्त का पहिया गोल है.... नुकीला नहीं
धँसता है पर ...निकलता जरूर है।
*शक्ल सुबह ऐसी ही रहती है ।पर मेरा मन बिंदास रहता है।
शुभ दिन💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें