भाषा / Language
कल से स्कूल की छुट्टियाँ शुरू हो रहीं .... एक हफ्ता जल्दी श…
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कल से स्कूल की छुट्टियाँ शुरू हो रहीं .... एक हफ्ता जल्दी शुरू हो गईं।
ये ऐसा पहली बार हुआ कि 40 दिन की छुट्टी की खुशी न बच्चों को हुई न मुझे।
कल जब कक्षा पांचवी के बच्चों को हॉलिडे होमवर्क देकर कहा कि कल से क्लास नहीं होगी तो बेचारे मायूस हो गए। कहने लगे ओह ! अब हम क्या करेंगे?कम से कम तीन घंटे सब के साथ बीत जाते थे। Holidays से पक गए maam ।नहीं चाहिए।स्कूल कब खुलेंगे?
ठीक यही हाल मेरा भी था। मन कह रहा था अब दिन और बोझिल और लंबा हो जाएगा।
छुट्टी शब्द इतना चुभेगा ये सोचा न था कभी। बच्चों में कोई खुशी कोई उल्लास नहीं। घर में दिन भर बंद रहना कितना मारक है खासकर इन खिलते फूलों के लिए।
ढ़ेर सारी हिदायतों के साथ जब मैंने कहा ...सुनो छुट्टियों में अगर मेरा मन तुमसे बात करने का हुआ तो में लिंक generate करूँगी। सारे बच्चे खुश हो गये।किसको किसको मेरी याद आएगी?
कहने लगे maam आप हफ्ते में दो तीन दिन हमको याद कर लेना।हम पढ़ेंगे भी और मज़े भी कर लेंगे।
मैंने पूछा कैसे?
तो ये जवाब मिले....अंताक्षरी खेलेंगे, नाचेंगे,योगा कर लेंगे ,best out of waste बनाएंगे, क्विज, वर्ड गेम, मोटिवेशनल वीडियो देखेंगे,ppt present करेंगे....
और न जाने क्या क्या।
मुझे ये सोच कर खुशी हुई कि बच्चों ने अपने मन की मरम्मत का backup प्लान किया हुआ है। उनका मुझसे जुड़ाव प्यारा है।
कल जब आख़री में कहा अपना ख़्याल रखना ... इस बीमारी से दूर रहना....
तो आवाज़ में इतनी उदासी थी की क्या बताऊँ। ज़िन्दगी इतनी unpredictable कभी देखी भी तो नहीं।
बच्चों के साथ साथ अपने मन को भी थाह देनी है ।हर हफ़्ते छुट्टियों में भी क्लास लगाउंगी.... वादा लिया और दिया जा चुका है।
हम साथ साथ समय पार लगा देंगे।
नन्हे से कदम मेरे साथ छुट्टियों में भी चलने को मान गए।
मुझे खुश होना ही चाहिए ।
Happy Holidays मेरे बच्चों😊😊😊
See u every Wednesday and Saturday....
मस्ती टाइम with HM maam😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें