कल्पनाशब्दों के बीच
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कुछ लड़ाइयाँ मेरे लिए हैं

*कुछ लड़ाइयाँ मेरे लिए हैं ..... कुछ मैं लड़ाइयों के लिए उस हार से कोसों दूर कुछ पल हँसते रहने का ढोंग ही सही... क्या पता दुःख गच्चा खा जाए We are at war against covid.No one will guide. No one will save. Only your will power and immunity works. Only your precautions and love for life works. Stay home. Save your loved ones. Hide if you can. Home is the safest place on earth right now. Cut off as much as u can. It's every where . Take double precautions. खुद से प्रण करने का समय है.... आपको अपना व्यूह खुद रचना है। चक्र चल चुका है। अगले कुछ दिन बस ईश्वर से आरोग्य की प्रार्थना करें... सबके लिए। आप सब स्वस्थ रहें। घर पर रहें। नाल काट दें। अब मज़ाक का समय नहीं बस सजग द्वारपाल होने का समय है। जंग शुरू है .....खत्म कब होगी ये भी हम ही तय कर सकते हैं । बस इस लिए हारने और जीतने की कगार पर आते जाते रह रहे। धैर्य बना रहे। शुभदिन💐💐💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें