कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 2731

भाषा / Language

लिखना मेरे लिए ज़िन्दगी को संगीत सा करना है ।

लिखना मेरे लिए ज़िन्दगी को संगीत सा करना है । फिर चाहे उससे प्रेम की धुन निकले या मेरा दुःख बज उठे। एकांत नाचे मेरा या मैं बागी हो जाऊं घुँघरू सी थिरकन कायम रहे ज़िन्दगी ... तू ताल मिला तो सही ऊंचा कोई राग सुना तो सही शुभरात💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें