कल्पनाशब्दों के बीच
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बेहद मुश्किल दौर में ही कलम की असली पहचान होगी।

बेहद मुश्किल दौर में ही कलम की असली पहचान होगी। आप लिखोगे तो दुःख की मखमली ज़ुबान होगी। लोग देखते पढ़ते ही नहीं आप से प्रभावित हैं। इस जादू को लौटाने का समय है।अपने पाठकों अपने followers के मन को अपने हाथों में उठाकर उनका मनोबल बढ़ाइए। आप का प्यार उनमें जान भर देगा। आपकी बातें सच मानते हैं लोग। उन्हें पुकारो ।शब्दों से उनकी आत्मा उनके मन सुलगाये रखो. .मन नम हुए पड़े हैं। ये मैं उन प्यारे लोगों से कहना चाहती हूं जिनकी पोस्ट का लोग दीवानों की तरह इंतज़ार करते हैं। हज़ारों चाहने वाले हैं आपके। फॉलोवर्स कह लो। क्या पता कोई निराश हो ...अकेला हो....उसका दिन न कट रहा हो। आप चुप न बैठिए। प्रसिद्धि लौटाइये ....प्रेम लौटाइये। आप के शब्द राम बाण होंगे। लोगों से कहें कि अच्छा वक्त बस वो रहा। साथ देखेंगे। शिफ़ा शब्दों की असर करती है। मानो कहा। आमीन💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें