कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 2718

भाषा / Language

तुम मेरा कुछ भी तो नहीं

तुम मेरा कुछ भी तो नहीं.... बस.. मेरे हृदय का संवाद भर मेरे मन का दूसरा छोर मेरी दृष्टि का कोण मेरे साये की जगह तुम तो रहोगे... मेरी ज़ेहनी जरूरत😊 तस्वीरें मन कह नहीं पाती ।फ़िज़ूल हैं।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें