भाषा / Language
ये तस्वीर अभी भव्या ने भेजी है।
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ये तस्वीर अभी भव्या ने भेजी है।
भव्या.....
मैंने कभी नहीं चाहा कि तुम जल्दी जल्दी बड़ी हो जाओ पर तुमने ये खुद चुना।
तुम अकेले मेलबोर्न पहुंच गयी। हर जद्दोजहद अकेले झेली। हर ज़िम्मेदारी खुद उठाई। तुमने ये अकेले सीखा कि ज़िन्दगी जीने के लिए हौसला, परिश्रम, हार, पैसा ,दोस्ती, प्रेम और जुगाड़ का कितना प्रतिशत किस वक़्त कैसे प्रयोग किया जाना चाहिए।
तुम गिर गिर कर ...उड़ उड़ कर ... सीख रही हो बस इसलिए मेरी *भव्या* हो।
पढ़ाई के साथ तुमने जो वहां पार्टटाइम जॉब कर के अपनी कुव्वत, अपने व्यवहार, अपनी शालीनता और धैर्य का परिचय दिया है उससे मैं और पापा दोनों हैरान रह जाते हैं। तुमने पापा का नज़रिया अपनी तरफ इतनी मजबूती से मोड़ा है कि कभी कभी तुम मुझे मेरी माँ लगती हो। तुमने उन्हें गलत साबित किया कि तुम एक आसान ज़िन्दगी जीने के लिए विदेश चली गयी हो। covid काल में तुम्हारा वहां अकेले survive कर जाना उनको तेरे लिए प्यार से भर देता है। पढ़ने से ज्यादा ज़िन्दगी का हुनर सीख रही हो तुम ...वो भी अकेले।
जिस रोज़ तुमने अपनी कमाई के पहले 250 डॉलर की तस्वीर भेजी... उसी रोज़ तुम बड़ी हो गयी। तुमने हर काम करने का मादा रखा। जब तुम शिफ्ट खत्म करके थक कर गर्म पानी में पैर डाले videocall में बातें करती हो तो लगता है तुम को कितनी बार ही चूम लूँ।
तुमने जो दोस्त चुने ... जो उनके साथ निबाहा वो भी तुम्हारे व्यक्तित्व की पहचान है। उन दोस्तों ने तुम्हें थामे रखा। उन सभी खास लोगों को मेरा प्यार।
तुमने धीरे धीरे पढ़ते कमाते हुए हमसे पिछले कई महीनों से पैसे लेने बंद कर दिए। ये एक ऐसी बात है जिस पर हर माँ हर पिता गर्व कर सकता है।
तुम survive करना सीख रही। पैसा कमाना कम आसान नहीं है वहां पर । उसे सही से खर्च करना बचाना भी तुम इसी बहाने सीख गयी।
You are a fighter sweet heart. Tough .... Very tough
Be that way...
गलत होने पर जो निराश होकर न बैठे और दुबारा अपने हिस्से के लिए पंजा मारे ....तुम वो हो।
आज तुमने अपने कमाए पैसों से 1300 डॉलर का i phone अपने लिए लिया। तस्वीर देखते ही पापा का फ़ोन आया....
यार भव्या को मानना पडेगा । हम तो सोचते रहते हैं लड़की ने 80000 का खुद अपने लिए ले लिया। She is amazing. She is really very hardworking and strong .
More than you and me ...
ऐसे शब्द सुन कर मुझे कैसा लगा होगा तुम जानती हो....
हमेशा कहती हूँ तुम मेरी कमजोरी हो। तुम्हारे सामने मैं पिघल जाती हूँ। तुम्हारे लिए सबकुछ कर सकती हूँ।
ईश्वर तुम्हें तुम्हारा मन पूरा करने की राह दिखाता रहे।
तुम याद बहुत आती हो पर जब तुम्हारी उड़ान देखती हूँ तो ममता के अपने पंख समेट लेती हूँ।
तुम्हें खूब प्यार ।नम्रता कायम रखना। तुम हँसती हो तो पूरा मेलबोर्न झूम जाता है।
जियो ज़िन्दगी मेरी चिड़िया।
सीखती रहो।
माँ💐💐💐💐
*ये एक आम तस्वीर है पर मेरे और विनोद के लिए बहुत खास है।
Bhavya Pandey 💐💐
Vinod Pandey
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें