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मैंने कभी नहीं कहा तुम्हारे संग चलूँगी

मैंने कभी नहीं कहा तुम्हारे संग चलूँगी... मैंने हमेशा कहा ...मैं अंत तक रुकूँगी। जब खुश होती हूँ तो पौंधे ले आती हूँ। आज 5 फूलवाले पौंधे अभी ऑनलाइन आर्डर के आये हैं। जल्द फूल भी आएंगे। मैं जानती हूँ।😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें