भाषा / Language
जाने कैसा ख़्वाब देख रहे हैं
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जाने कैसा ख़्वाब देख रहे हैं.....
पास आये तो टूट जाता है
दूर जाए तो रूठ जाता है
😊
*रंग...तुम
तिल भर
रोज़
गिरे
एकसार मुझमें
*रंग ...तुम
जोगन सा राखे
रखा रहने दे
*रंग ...तुम
पारदर्शी मेरा
बाकी सबका मुझसे एक shade कम
* रंग ...तुम
मैं
मेरा
मुझसा
मुझमें
बस लिखा रहने वाला
*रंग....तुम
अचानक पड़ गयी बारिश
न भीग पाई
न भर पाई
*रंग...तुम
मुझमें खुले
खुला रह जाए
सूख जाए बस मेरे लिए
*रंग ....तुम
रहना तुम
*रंग ..….तुम
स्पर्श नहीं
कूँची
डूबे ...
जिला दे
*रंग ....तुम
बस तुम
क्यूँ न ये समझे रे तू
*रंग ...तुम
फीका सफ़ेद
गर उदास तुम
*रंग तुम...
ज़िंदा
पर आस मुझ में
*रंग...तुम
यात्रा भी और यात्री भी
*रंग ...तुम
मैं
मेरी लय
मेरी लीला के कैनवास
*रंग....तुम
धुंए धुँध सरीखा
सफ़ेद पर सफ़ेद
कल्पना भर
*रंग ....तुम
हर शिफ़ा
चारागर मेरे
रंग मुबारक💐💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें