भाषा / Language
मैं हमेशा भव्या को कहती हूँ कि तू मुझे उतना प्यार नहीं करती…
✦
मैं हमेशा भव्या को कहती हूँ कि तू मुझे उतना प्यार नहीं करती जितना मैं तुझे करती हूँ। वो हँस कर टाल जाती है इस बात को।
आज स्कूल पहुँची तो एक बड़ा सा उपहार मेरा इंतज़ार कर रहा था। रास्ते में मेलबॉर्न से भव्या का फ़ोन आया कि कुछ भेजा है...
मुझे लगा उसने कुछ ऑनलाइन खरीदा होगा अपने लिए।
बाहर मेरा नाम लिखा था ।उसका फ़ोन आया तुम्हारे और पापा के लिए wedding anniversary का गिफ्ट है ।थोड़ा late हो गया । खोल कर देखो।
गिफ्ट बेहद खूबसूरती से पैक किया गया था और बाहर मेरी एक पुरानी स्टूडेंट का नाम दीपप्रभा लिखा था जिसे शायद15 साल पहले बचपन में मैंने पढ़ाया था.....
खोल कर देखा तो हैरान रह गयी।यकीन मानिए मेरी ज़िन्दगी का सबसे रूमानी अंदाज़ का गिफ्ट मुझे आज मिला। हर एक चीज़ का रेपर खोलते हुए आँसू टप टप गिरने लगे। Gooze bumps उभर आये। आँचल में इतना सारा प्यार उमड़ा कि क्या कहूँ।
बेटी इतनी संवेदनशील हो तो और क्या चाहिए...
उसने दीपप्रभा के साथ collaborate कर इसे दिल्ली में तैयार करवाया। हर चीज़ बेहद खूबसूरत ।दिल से सोच कर भेजी और बनाई हुई। दीपप्रभा की कारीगरी देखने लायक है। उसे फ़ोन कर खूब प्यार और दुआ दी।
भव्या अचानक इतनी बड़ी हो गयी और इतनी प्रेमिल ।सोच कर विनोद और मुझे नाज़ होता है। अब दिल को दिमाग लगाकर सोचने लगी है। आज का उपहार जो देखेगा वो यही कहेगा कि इतना बारीक केवल बेटियाँ ही सोच सकती हैं।
हमारी तस्वीरों का एल्बम जो एक प्यार का नगमा है गीत की पंक्तियों से सजा है मेरा दिल ले गया।😊😊😊
"माँ " शब्द लिखते ही जितनी ममता सीने में उतरती है वो उस पल असीम हो गयी भव्या के लिए।
बहुत कुछ और लिख सकती हूँ...भव्या
पर आज तुम्हारी भावनाओं को कहने दो।
दोनों बेटियों को दुआ भेज रही हूँ।
और आप को तस्वीरें।
ईश्वर सबको एक बेटी जरूर दे। बस वही अदृश्य नाल से जुड़ी रहती है ताउम्र।
*दीपप्रभा एक बेहतरीन कलाकार है ।आप सब भी उसकी कारीगरी से अपने अपनों के दिल जीत सकते हैं। रिश्तों में मखमली ला सकते हैं। प्रेम ऐसी ही छोटी छोटी कोशिशों पर फिदा रहता है।
बहुत खुश हूँ।आप सब भी दुआ दीजिए।😊😊😊
Bhavya Pandey
😊 इतनी सब चीजों के साथ जो तुमने गणपति जी की मूर्ति भेजी वो मास्टरस्ट्रोक है मेरे लिए। love u💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें