खुद को परिष्कृत करना था.... मैंने प्रेम लिखा फिर उसी पारस को छू कर कागज़ कहा।
रचना 255524 फ़रवरी 2021भाषा / Languageहिन्दीEnglishखुद को परिष्कृत करना था✦खुद को परिष्कृत करना था.... मैंने प्रेम लिखा फिर उसी पारस को छू कर कागज़ कहा।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें