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आज रानीखेत से आगे बुबुधाम मंदिर,सोनी बिनसर महादेव और हैड़ाखा…

आज रानीखेत से आगे बुबुधाम मंदिर,सोनी बिनसर महादेव और हैड़ाखान बाबा के मंदिर की यात्रा पर गए।करीब 70 km जाना और फिर लौटना 😊😊😊 पिताजी भी साथ थे तो उनकी पुरानी यादें सुनते रहे। 50 साल बाद पिताजी उन्हीं जगहों पर लौटे तो अचरज से भरे थे। सूने जंगल अब सुंदर रिसोर्ट में तब्दील हो गए। इतनी बसावत इतनी तब्दीली संतोष तो देती है पर पहाड़ों में दूर दूर तक घर फैलते देख डर भी लगता है। उनका कहना है आदमी की जरूरतें पहाड़ों को खत्म कर रहीं। सिर्फ़ सादगी ही पहाड़ों को शेष बचाये रख सकती है ये फितूर रुकना चाहिए। रानीखेत का कैंटोनमेंट एरिया ,गोल्फ कोर्ट ,दूर दूर तक बसे घर बहुत सुंदर लगे। मैंने कहा रानीखेत ट्रांसफर ले लूँ क्या ? बेहद खूबसूरत जगह है। पिताजी बोले यहां का शांत जीवन दूर से देखने में बहुत सुकूनमय लगता है पर जब बेहद शांत जगह का अकेलापन पसरने लगता है तो लोग शहर को भागते हैं। कहना आसान है पहाड़ों में रह लेंगे। रहना मुश्किल है।😊😊😊😊 मैं भी मुस्कुराने लगी ....ये सोच कर कि अभी शहर दिल्ली से ही इश्क़ कायम रखती हूं। पहाड़ तो घर है ही। तस्वीरें साँझा कर रही आप सब के लिए।💐💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें