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रचना 2519

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हर महीने लिखते हैं इश्क़

हर महीने लिखते हैं इश्क़... ये अलग बात है कि फरवरी में तड़के लगते है कुछ अधिक बघार होते हैं कुछ अलग खुश्बू आती है अलहदा ज़ायका रहता है ज्यादा लोग गुलाब भेज रहे... मैं cheese pasta भेज रही ...💐💐 *दक्षु पीछे बैठा खा रहा ...कह रहा क्योंकि मुझे इसमें corn दिख गया इसलिए 5 में से 4.5 देता हूँ। वर्ना 4 लायक ही बना☺️☺️☺️
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें