प्रेम जितना ज्यादा अलभ्य हो उसमें उतनी ज्यादा आस्था जगी रहती है।
रचना 24385 जनवरी 2021भाषा / Languageहिन्दीEnglishप्रेम जितना ज्यादा अलभ्य हो उसमें उतनी ज्यादा आस्था जगी रहत…✦प्रेम जितना ज्यादा अलभ्य हो उसमें उतनी ज्यादा आस्था जगी रहती है।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें