कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 2419

भाषा / Language

मेरे हारने का कोई समय तय नहीं होता

मेरे हारने का कोई समय तय नहीं होता .... क्योंकि उसके प्रेम रथ का सारथी अक्सर मैं ही रहती हूँ । शुभरात💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें