कल के बादल आज फ़िदा हुए। झम झम बरसे। तुम कब फ़िदा होगे? अभी का नज़ारा😊
रचना 239712 दिसंबर 2020भाषा / Languageहिन्दीEnglishकल के बादल आज फ़िदा हुए। झम झम बरसे।✦कल के बादल आज फ़िदा हुए। झम झम बरसे। तुम कब फ़िदा होगे? अभी का नज़ारा😊कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें