ये जो मेरे ..... ग़ुम ग़ुम .... खोये खोये.... अधूरे अधूरे..... हिस्से हैं वो सुकून कायम रखने के लिए रख आयी हूँ तुम पर अधूरी मैं भी नहीं .... पूरे तुम भी नहीं