कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 2314

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लगभग साल भर बाद दीदार हुआ आपका

लगभग साल भर बाद दीदार हुआ आपका..... समोसा ....वो भी मायके का😊😊😊 घपाघप दो चट कर गयी। शंकर भंडार वाले को दुआ लगे। कोरोना में आत्मा तृप्त हो गयी।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें