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जाने क्यों मेरा चिनार के पत्तों पर दिल अटक जाता है

जाने क्यों मेरा चिनार के पत्तों पर दिल अटक जाता है... घर पर लौट कर आई तो एक गमला सूखा पड़ा था। दिन भर से सोच रही थी कि इसका क्या करूँ। फिर शाम को एक खुरापात सूझी। खुद के लिए एक आभासी मेपल ट्री बना डाला । पुराने bamboo के पेड़ सूख गए तो उसके गुलदान में रोशनी भर दी। पुराने को नया करना बहुत सुकून भरा रहा। आज की शाम खुद के साथ मज़ेदार रही। विनोद ने खुश होकर कहा तुमने तो जादू कर दिया। ये कैसे सोचा तुमने? वाकई बहुत creative लग रहा। खुरापात साँझा कर रही हूँ...💐💐💐💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें