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मैंने पूछा चाँद से कि देखा है कहीं.... मेरे यार सा हसीं

मैंने पूछा चाँद से कि देखा है कहीं.... मेरे यार सा हसीं? चाँद ने कहा.... तू chill मार .....हो ही नहीं सकता ।😊😊😊 चाँद चुराकर लाई हूँ ...चल बैठें चर्च के पीछे... हेड फ़ोन पर ये सुन रही...अभी पर मेरी बालकनी में आप क्या कर रहे हो इस वक़्त😊😊😊 शुभ रात💐 शरद पूर्णिमा का चाँद मेरी तरह आपके हिस्से में खूब आये।😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें