कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 2252

भाषा / Language

ज़िन्दगी खरोंच देती

ज़िन्दगी खरोंच देती ... खरोंच ....सीख सीख....तजुर्बा देता तजुर्बा....नियत सब दे ही रहे.... तुम भी तो दो ....कुछ कुछ न कुछ। *फूलों वाली बातें
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें