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तुम्हारी नीली कमीज़ की जेब में उस दिन मेरी धूप रह गयी होगी शायद

तुम्हारी नीली कमीज़ की जेब में उस दिन मेरी धूप रह गयी होगी शायद .... देखो smiley खिल ही नहीं रही। शुभ रात💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें