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कुछ शरारतें भेजी हैं... चाँद

कुछ शरारतें भेजी हैं... चाँद देखो ......पहुँचा क्या बादल ? मिली क्या हवाएं? *तस्वीर अशोक sir की वाल से ली है।💐💐💐 शुभरात
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें