कल्पनाशब्दों के बीच
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इतनी सारी खूबसूरती के बीच खुद को खूबसूरत बनाए रखना भी एक खू…

इतनी सारी खूबसूरती के बीच खुद को खूबसूरत बनाए रखना भी एक खूबसूरती है। होने न होने के बीच बहुत सारा होना नहीं.....होने न होने के बीच कायम रहना सबसे बड़ी खूबसूरती है मेरे लिए। मैं कभी रहना नहीं चाहूँगी तुममें... मैं कायम रहना चाहूँगी। आदि और अंत के बीच अनंत .... चाहे फिर मुझे रोज़ तुममें बनना पड़े और रोज़ ही खारिज़ होना पड़े। मेरा कायम ऐसा ही रहेगा मैं रखूंगी इसे ऐसा .... खूबसूरत *गैलरी में बहुत पीछे जाओ तो पुरानी कल्पना पर प्यार आ जाता है मुझे .... हम बीत कर भी कितना रुके रहते हैं।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें