भाषा / Language
Online agony
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Online agony...
अब तक ऑनलाइन क्लासेज ही चल रही थीं ।अब ऑनलाइन इंस्पेक्शन भी शुरू हो गए हैं। घर बैठे हैं सब ...स्कूल नहीं लग रहा सोच कर रोज़ कोई न कोई ट्रेनिंग रहती है। admission और funday activities तो parallel चल ही रहा।
Wapp और google क्लासरूम में काम भी दिया जा रहा। इतने सारे प्लेटफॉर्म्स पर काम करना साथ में हेड ऑफ institition हो तो बस पूछो ही न... कभी data भरो कभी एक्सेल शीट कभी googleform....
ऑनलाइन ptm भी हो रही...
सभी टीचर्स और मेरा मोबाइल नंबर सब पेरेंट्स के पास
पहुँच गया है ...जब जिसका जी चाहे कॉल आ जाते हैं। दिन हो या रात।
wapp से तो मुझे नफरत हो गयी ।इतने messages...😢😢
फ़ोन फेंक देने का मन हो जाता कभी कभी तो। गैलरी बच्चों के काम और उनकी एक्टिविटीज़ की फोटोज से भर जाती।😢😢😢 रोज़ साफ करनी पड़ती। 10 क्लासेज की एडमिन होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा।☺️☺️☺️
इससे अच्छा तो स्कूल ही था। सुबह से शाम तक पूछताछ काउंटर या शिकायत पेटी बन कर रह गए । 😢😢😢
इस बीच 20 तारीख को KV AFS Rajokari के स्कूल का भी निरीक्षण किया । बेहद सुंदर और सीखने लायक दिन रहा। इतने छोटे बच्चों का क्लास में ऑनलाइन मोड में supervision करना मज़ेदार रहा। यह जानकर बड़ा सुकून मिला की शिक्षक ही नहीं बच्चे भी इस नई तकनीक को सीख गए हैं।
कब माइक on करके बोलना है... कैसे चैट बॉक्स use करना है क्लास दो के बच्चे भी आसानी से कर पा रहे थे। बेहद प्यारे और pateince से भरे vijender सैनी sir की क्लास देखी ।आज तक मैंने किसी sir को इतने प्यारे ढंग से पढ़ाते हुए नहीं देखा। टेक्नोलॉजी बेस्ड लर्निंग और वैल्यू बेस्ड टीचिंग का उम्दा उदाहरण पेश किया उन्होंने। बाकी दोनों शिक्षिकाएं भी बेहद शानदार तरीके से बच्चों को पढ़ा रहीं थीं।
साथ ही विद्यालय के बच्चों की अनेक गतिविधियों में सहभागिता का खूबसूरत वीडियो भी देखने लायक था।
पूरा दिन इस फ़ोन के साथ में गुज़र जाता है। पूरा दिन ही स्कूल चल रहा ऐसा लगता है।
स्कूल खुल ही जाएं अब तो..... घर से 24 घंटे के स्कूल से तो निजात मिलेगी और इस फ़ोन को भी थोड़ी साँस आएगी।😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें