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ओह्हो ! तुम्हारा रंग आज मैंने ओढ़ लिया

ओह्हो ! तुम्हारा रंग आज मैंने ओढ़ लिया .... लो ....तुम आज मेरा रंग पहन लो ....आसमान 😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें