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रचना 2059

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तुम्हारा दिमाग नहीं तुम्हारा दिल तुम्हारे कान की तरह बहुत स…

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तुम्हारा दिमाग नहीं तुम्हारा दिल तुम्हारे कान की तरह बहुत सुंदर है.... क्योंकि वो भी मेरी बातें सुनता बहुत है।💐💐💐💐 सुनो मनोरमा! काम खत्म करने और क्लास शुरू होने से पहले के कुछ प्यारे पल तुम्हारे साथ मनोरमा.... मुझे किताब पर लिखना नहीं आता तो मैं ऐसे ही किताब पर लिख देती हूँ इततु इततु दिल की बातें.. दिल ने कहा तुम बेहद खूबसूरत हो.....I envy you😊😊😊 इसके लिए अजित सिंह तोमर जी ज़िम्मेदार हैं।💐💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें