कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 1979

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राजकुमार का प्रीति भोज चल रहा।

राजकुमार का प्रीति भोज चल रहा। ऑनलाइन पढ़ाई के बाद ऑनलाइन गेम भी तो होना चाहिए। भूख लगे तो जो जो है सब खा सकता हूँ ....कह रहा।☺️☺️ कुछ हेल्थी ,कुछ स्पाइसी, कुछ मीठा ,कुछ जंक खाने का मन कर रहा । मैंने सस्ता सुंदर टिकाऊ नाश्ता धर दिया। *अपने कमरे का स्वच्छता अभियान भोज के बाद scheduled है जो राजकुमार खुद करेंगे।वादा तो अब तक यही है।😊😊😊😊
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