मौसम पढ़ा करती थी कभी.... आज गढ़ लेती हूँ तुम्हारे नाम का ... सच है..... बस सीखने की ही तो बात है। *आज अल्मोड़ा मेरे घर में खिले सुंदर फूल आप सब के लिए।